BS4 अभियान क्या हैं ?

BS4 यह अभियान है, संगठन नहीं है। “भारतीय संविधान सम्मान सुरक्षा संवर्धन अर्थात संक्षिप्त में बीएस4” यह नाम इस अभियान को दिया गया है।

क्यों यह अभियान शुरू हुआ?

वर्ष 2025 में भारत लोकतंत्रात्मक गणराज्य (रिपब्लिक डेमोक्रेसी) स्थापित हुए तथा भारत के संविधान को लागू हुए 75 वर्ष होने जा रहे हैं। इतना लंबा समय गुजरने के बावजूद, देश का बहुत बड़ा वर्ग बालक-महिला, युवा-बूढ़े, किसान-मजदूर तथा अन्य आज भी अधिकार वंचित है। इनमें से अधिकतर लोग एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग में बटें हुए हैं। इनमें एससी, एसटी, ओबीसी, किसान, मजदूर, बहुजन इन पहचानों के एहसास के कारण संगठन बनाने की पहल जरूर हो रही है, लेकिन संविधान लागू करने-कराने केउद्देश्य से संगठित होने की व्यापक व मजबूत जागरूकता अभी बढ़ी नहीं है। अतः इस अभियान को शुरू किया गया है।

फिर भी इस अभियान का मूल उद्देश्य और लक्ष्य क्या है?

संविधान के लक्ष्य प्राप्ति हेतु, संविधान को मूल भावना के साथ लागू करने के लिए समाज को जागरूक व संगठित करने का यह अभियान है। क्योंकि, भारत के संविधान में न्याय-स्वतंत्रता-समता-बंधुता, एससी-एसटी-ओबीसी-मायनोरिटी, महिला-बालक, युवा-बूढ़े, किसान-मजदूर, शिक्षा-स्वास्थ्य-संपत्ति-संपदा, लोकतंत्रात्मक गणराज्य, मूल अधिकार-नीति निदेशक तत्व-नागरिक कर्तव्य, कार्यपालिका-संसदीय-न्यायिक-आर्थिक व्यवस्था, शोषण से मुक्ति तथा सुरक्षा-अनैतिकता और शोषकों को रोक-प्रतिनिधित्व-संगठन यह वह 30 मुख्य बिन्दु हैं जिनके बारे में संविधान में लिखा हुआ है। अतः इस अभियान को सफल बनाने के लिए देशभर में 50 हजार संविधान-प्रबोधक व 10 हजार जन सामाजिक कार्रवाई समितियां (पीपल्स सोशल एक्शन कमेटी) तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

फिर भी अभियान शुरू करने के पीछे मूल प्रेरणा क्या है?

भारत में दो विचारधाराओं का संघर्ष चलते आ रहा है। एक भारत के संविधान में वर्णित न्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता पर आधारित राष्ट्र निर्माण की विचारधारा और दूसरी जातिवादी व पूंजीवादी ताकतों की शोषण और क्रमिक असमानता वाले समाज की विचारधारा। पहली विचारधारा के पक्षधर लोग इस देश के मूलनिवासी हैं, जिन्हे अंग्रेज काल में एससी, एसटी, ओबीसी कहा गया, जो संख्या में बहुजन है, तथा जातिवादी व पूंजीवादी विचारधारा के शोषण के शिकार हैं। इन शोषित-पीड़ित, दबे-पिछडे लोगों ने इतिहास में समय-समय पर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी और आज भी लड़ रहे हैं। इनका संघर्ष न्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता का है। सच देखें तो देश की सत्ता की बागडोर इस वर्ग के हाथों में होनी चाहिए थी। लेकिन आज यह वर्ग अनेक समस्याओं से ग्रस्त है। क्योंकि एकतरफ जातिवादी व पूंजीवादी ताकतों ने इन्हे रोजमर्रा की समस्याओं में इतना जकड़ रखा है की वह दुसरा कुछ सोच ही नहीं पाते हैं। दूसरी तरफ इनमें आपसी मतभेद निर्माण किये गए हैं जिस कारण यह संगठित नहीं हो पा रहे हैं। जागरूक और संगठित नहीं होने के कारण संविधान में अधिकार लिखे होने के और उनके अमल की व्यवस्था होने के बावजूद भी देश का बहुत बड़ा वर्ग बालक-महिला, युवा-बूढ़े, किसान-मजदूर तथा अन्य आज भी अधिकार वंचित और शोषित है।

यह अभियान किसने और कब शुरू किया?

इस अभियान की शुरुआत 5 वर्ष पहले 2019 में हुई। संविधान जागरूकता का कार्य विभिन्न लोग इसके पहले भी करते आ रहे हैं लेकिन राष्ट्रीय महा अभियान के रूप में बामसेफ इस कर्मचारियों के नेतृत्व में इसकी शुरुआत की गई। बामसेफ यह बुद्धिजीवी कर्मचारियों द्वारा संचालित संगठन है, जो फूले-आंबेडकरी विचारधारा के तहत न्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता समाज बनाने के लिए बुद्धिजीवी कर्मचारियों को समाज ऋण से मुक्त होने के लिए विभिन्न तरीकों से प्रेरित संगठित कर रहा है। साथ ही समाज के अन्य वर्ग जैसे की महिला, युवा, विद्यार्थी, किसान मजदूर, व्यवसायी इनको भी कार्य के लिए सांगठनिक प्रक्रिया में लाया जा रहा है।

यह अभियान आज कहां तक पहुंचा है?

भले ही बामसेफ के नेतृत्व में यह अभियान शुरू हुआ लेकिन आज यह जन आन्दोलन का रूप धारण कर रहा है। देश के 210 से अधिक जिलों में यह अभियान फैल चुका है। अभी तक जुड़े इन जिलों को 150 क्लस्टर में वर्गीकृत किया गया। अगस्त 2023 में इनके फॉलोअप क्लस्टर कन्वेंशन कराए गए हैं। इस अभियान में करीब 1700 स्थानीय संगठन, 35000 से अधिक प्रतिनिधि, 16500 से अधिक संविधान प्रबोधक व 1200 से अधिक वक्ताओं का सहभाग रहा। हाल ही में 22 अक्टूबर 2023 को नागपूर, महाराष्ट्र में इस अभियान में जुड़े हजारों संविधान प्रबोधकों ने “संविधान सम्मान में राष्ट्रीय पथसंचलन और गणसभा” का आयोजन किया।

इस अभियान में कौन जुड़ सकते हैं?

संगठन शक्ति का लोकतंत्र में महत्व बहुत आवश्यक है। संगठन शक्ति से ही संविधान में संकल्पित नव समाज का निर्माण किया जा सकता है। जिन लोगों को लगता है की संविधान उसकी मूल भावना के अनुरूप सही रूप से लागू होने की आवश्यकता है, और इसके लिए जो लोग कार्य करना चाहते हैं, ऐसे मूलनिवासी बहुजन समाज के सदस्य और विभिन्न जिलों व तहसीलों में कार्यरत सामाजिक संगठन भारी संख्या में इस अभियान जुड़ सकते हैं। जो लोग संविधान विरोधी विचारधारा के संगठनों में जुड़े हैं वह उनके संगठन छोड़कर इस अभियान में जुड़ जाएंगे ऐसा शायद ही संभव है। लेकिन उनकी राह नहीं देखते हुए बाकि सभी ने अपने संगठन का सदस्य बने रहते हुए इस अभियान में जुड़ सकते हैं। अभियान में जुड़ने हेतु आवेदन पत्र भरने की आवश्यकता होती है। जो लोग इस अभियान में जुड़ना चाहते हैं वह www.bs4.in इस वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन तरीके से आवेदन कर सकते हैं।

इस अभियान का संचालन कैसे होता है?

जैसे की पहले बताया गया है की बामसेफ इस अभियान का मुख्य रूप से नेतृत्व कर रहा है, लेकिन समाज का प्रत्येक सदस्य जो संविधान विरोधी ताकतों से जुड़ा नहीं है वह इस अभियान में जूड़कर कार्य कर सकता है। इस अभियान को सफल बनाने हेतु देशभर में 50 हजार संविधान-प्रबोधक व 10 हजार जन सामाजिक कार्रवाई समितियां (पीपल्स सोशल एक्शन कमेटी) तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जो लोग संविधान प्रबोधक बनने हेतु आवेदन करते हैं, समय-समय पर उनके प्रबोधन-प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है। इन संविधान प्रबोधकों द्वारा समाज को संविधान प्रति जागरूक व संगठित करने का कार्य किया जाता है। संविधान प्रबोधकों को जन सामाजिक कार्रवाई समितियों के तहत समाज को संगठित करना होता है ताकि संविधान जागरूकता को बढ़ाया जा सकें।

मुझे इस अभियान में जुड़कर क्या करना होगा?

जैसे की इसके पहले जो आपने पढ़ा है, और आपने अगर इस अभियान में जुडने हेतु आवेदन भरा है तो आपको इस अभियान के कार्य का प्रबोधन-प्रशिक्षण मिल सकता है। यह इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह कार्य पूरे देश भर में एकरूपता से हों ताकि उसका परिणाम भी एक जैसा आयें। आप प्रबोधन-प्रशिक्षण में जानकारी लेने के बाद, अपनी क्षमता व समय उपलब्धि अनुसार अपने क्षेत्र में अभियान के अंतर्गत निश्चित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर सकते हैं। इन कार्यक्रमों को प्रबोधन प्रशिक्षण में विस्तार से समझाया जाता है। जो लोग अधिक सक्रिय होकर कार्य कर रहे हैं उन्हें संविधान प्रबोधक के नाम से सम्मानित किया जाता है यह सांगठनिक पद नहीं है केवल एक पहचान है।

अभियान से जुड़ने का संपर्क पता

अगर आप ऊपर लिखी बातों से सहमत हैं और इस अभियान में जुड़ना चाहते हैं तो आप www.bs4.in इस वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन तरीके से आवेदन कर सकते हैं। आपसे यथासमय संपर्क किया जाएगा।

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