आपको भारत व दुनिया भर में प्रवास करने का अधिकार कैसे प्राप्त हुआ?

आप, भारत में ही नहीं, दुनिया भर में प्रवास करना चाहते हैं। मानव होने के नाते आपका यह अधिकार है। लेकिन, क्या आपको पता है, कि आपके सारे अधिकार, आपको कहां से प्राप्त होते हैं?

आपके सभी अधिकार, आपके देश के संविधान से प्राप्त होते हैं।

संविधान न केवल आपको आपके अधिकार देता है, बल्कि आप उसे प्राप्त कर सकें, और उसकी सुरक्षा हो सकें, इसकी व्यवस्था भी संविधान करता है।

भारत के संविधान के, अनुच्छेद 19 (1) घ) के अनुसार, प्रत्येक नागरिक को “भारत के राज्यक्षेत्र में सर्वत्र अबाध संचरण” का मौलिक अधिकार है।

आज के समय, भारत का नागरिक होने का सबसे मूल कागजी प्रमाणपत्र कौनसा है? इसके कई उत्तर है लेकिन, “बर्थ सर्टिफिकेट” अर्थात “सक्षम प्राधिकार की ओर से जारी किया गया जन्म प्रमाणपत्र।” यह महत्वपूर्ण कागजी प्रमाणपत्र है।

खैर, हम बात कर रहे हैं एक नागरिक होने के नाते भारत और विदेश में अबाध संचरण के अधिकार की।

जब आप भारत के एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवास करते वक्त आपको जन्म प्रमाणपत्र साथ रखने की जरूरत नहीं होती। तो हम क्या साथ मे रख सकते हैं? हम साथ में रख सकते हैं ऐसा फोटो पहचान पत्र जिसे सक्षम प्राधिकार की ओर से जारी किया हो, जसी आपका पैन कार्ड, वोटिंग कार्ड, आधार कार्ड, विकल ड्राइविंग लायसन्स, स्कूल/ कॉलेज का आईडी कार्ड आदि साथ रख सकते हैं, क्योंकि इन सभी पर आपका फोटो, नाम होता है और यह सक्षम प्राधिकार की ओर से जारी किया से जारी किया होता है।

लेकिन आप अगर भारत के बाहर प्रवास करना चाहते हैं तब?
तब आपको आपका जन्म प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, वोटिंग कार्ड, ड्राइविंग लायसन, स्कूल/ कॉलेज का आईडी कार्ड यह काम नहीं आएंगे। आपको काम आएगा आपका पासपोर्ट अर्थात पारपत्र जो आपको मिलता है पासपोर्ट अधिनियम 1967 के तहत।

और पासपोर्ट दिया जाता है भारत के संविधान के भाग 2 नागिरकता के तहत। पासपोर्ट दिया जाता है केंद्र सरकार की ओर से। संविधान के 246 (दो सौ छियालीस) वें अनुच्छेद के तहत तैयार की गयी संघ सूचि में यह बात लिखी है. यह संघ सूचि संविधान के सातवीं अनुसूची में दी गयी है।

इस तरह से आपको भारत में ही नहीं दुनिया भर में प्रवास करने का अधिकार भारत का संविधान देता है। न केवल अधिकार देता है बल्कि उसे प्राप्त करने की और उस अधिकार के सुरक्षा पूरी व्यवस्था भी करता है।

क्या आपको जबाब मिला कि “आपको भारत व दुनिया भर में प्रवास करने का अधिकार कैसे प्राप्त हुआ?”

2 Comments

  1. Sandhir Kumar

    Yes,
    Thank you for this valuable information,sir🌹🙏
    Our Pride! The Constitution of India.

  2. जितेन्द्र कुमार सूर्यवंशी

    मेरी शान भारत का संविधान
    डोर टू डोर BS 4, सामाजिक लोकतंत्र की ओर
    मिशन 24

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