तापी नदी घाटी दहाड़ रही है…

महाराष्ट्र में खान्देश नाम का क्षेत्र है. खान्देश में उत्तरपश्चिमी महाराष्ट्र के जलगांव, धुले, नंदुरबार और कुछ हद तक नाशिक यह जिले आते हैं। दख्खन के पठार पर और तापी नदी की घाटी में यह क्षेत्र बसा हैं। तापी नदी पूरब से पश्चिम की ओर बहाने वाली नदी है।

वैसे तो यह प्रदेश अनेक कारणों से प्रख्यात है। महाराजा सयाजीराव गायकवाड (तृतीय) की जन्मस्थली मालेगांव इसी क्षेत्र में है। महाराजा सायाजीराव गायकवाड भारतीय पुस्तकालय आंदोलन का जनक माना गया है। उन्होंने सयाजी साहित्यमाला तथा सयाजी बाल ज्ञानमाला के माध्यम से उच्चतम ग्रंथों का अनुवाद प्रकाशित किया। प्रत्येक ग्राम में ग्रंथालय का निर्माण किया और साथ-साथ चलते फिरते ग्रंथालयों की भी सुविधा उपलब्ध करायी। यह सब कुछ इसलिए क्योंकि शिक्षा और ज्ञान से कोई न छूटें। पढ़ने लिखने का कलाचार (Culture) फलेंफूलें। क्योंकि अच्छे और सच्चे वाचन साहित्य से ही जागरूकता बढ़ेगी।

खान्देश, महाराजा सयाजीराव गायकवाड (तृतीय), पुस्तकालय और जागरूकता से के याद आयी की खान्देश में जागरूकता को लेकर एक अभियान चल रहा है उसे बताना तो हम भूल ही गए.

यहां के संविधान प्रबोधकों (संविधान प्रबोधक कौन होते हैं, नहीं जानते? दूसरे लेख में बता देंगे) ने एक सगाई कार्यक्रम को भी यादगार बना दिया। परिवार पारिवारिक रिश्ते में बंध गया है। दोनों परिवारों को इस वक्त संविधान प्रबोधकों ने भारत के संविधान को लेकर कुछ बातें बताई। दोनों परिवारों और उनके सगेसंबधियों ने बातें ध्यानपूर्वक सुनी। मानों की महराजा सयाजीराव गायकवाड का पुस्तकालय आंदोलन की आवाज प्रतिध्वनित हो रही हैं। तापी नदी घाटी दहाड़ रही है…

सगाई के इस कार्यक्रम में संविधान की बात करना कुछ लोगों को नवीनतम लग सकती है। जहां कहीं अच्छे प्रसंग पर कुछ लोग इकट्ठा हो जाएँ तो उन्हें संविधान को लेकर जिम्मेदारियों का एहसास कराने का प्रयास निश्चित ही साधुवाद का पात्र है।

इस कार्यक्रम में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ प्रोफेसर धनराज अहिरे, प्रवीण पगारे, धनराज लोंढे, विजय साल्वे, रमेश बच्छाव, संतोष सोनोने इन सभी ने BS4 अभियान पर चर्चा करते वक्त “संविधान प्रबोधक” बनने हेतु अपनी रुचि जाहिर की और संविधान प्रबोधक आवेदन पत्र भी भर दिया।

खान्देश के संविधान प्रबोधक प्रवीण खरे, रविंद्र मोरे, पावबा ठाकरे, परमेश्वर मोरे इन सभी ने इस कार्य को सफल बनाने में अपना सहभाग दिया है।

साथियों, आपको तो पता ही हैं कि BS4 अभियान ने देश के 300 जिलें, 10 हजार पीएसए कमेटियों और 50 हजार संविधान प्रबोधकों का लक्ष्य रखा है। प्रत्येक दो से तीन जिलों का एक क्लस्टर बनाया गया है। प्रत्येक क्लस्टर में विभिन्न कार्यक्रम हो रहे हैं।

जिस दिन 50 हजार संविधान प्रबोधक का लक्ष्य पूरा हो जाएगा देखिये क्या दृश्य होगा। हर जगह संविधान की बात होगी, संविधान को लागू करने की बात होगी।

आपका क्या विचार है? बताइए तो सही!

3 Comments

  1. Harish Sahare, Chandrapur Maharashtra

    बीएस-4 भारतीय संविधान सन्मान,सुरक्षा,
    संवर्धन महाजनजागरण अभियान यह एक ऐसा अभियान है जहा जात-पात, उच-नीच, रंग-भेद, भाषा,प्रान्त, अमिर-गरीब, स्ञी-पुरुष यह सारे भुलकर और पार्टी, संगठन से बढकर ईक्कठा लाने का एकमाञ जरीया है। आओ हम सब मिलकर हमारे देश के संविधान को बचाए और उसके साथ साथ हम सब बहुजन मूलनिवासीयोको गरीमामय जीवन जीने के साथ साथ 100% लागू कराए।

  2. जितेन्द्र कुमार सूर्यवंशी

    हम भारत के नागरिको की जिम्मेदारी है ।
    भारतीय संविधान सम्मान सुरक्षा और संवर्धन

  3. Upasana meshram

    हम भारत के नागरिको की जिम्मेदारी है ।
    भारतीय संविधान सम्मान सुरक्षा और संवर्धन

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *